NEET UG Re-Test 2026: पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का बड़ा प्लान, वायुसेना की मदद लेने पर विचार

NEET UG 2026 री-टेस्ट को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है। प्रश्न पत्रों की ढुलाई में वायुसेना की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है।
नई दिल्ली: NEET UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार इस बार री-टेस्ट की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है। परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद सरकार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में प्रश्न पत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की सहायता लेने की संभावना पर गंभीर चर्चा की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत
सूत्रों के अनुसार, NEET री-टेस्ट को लेकर केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति तैयार की है। इसमें शिक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
उद्देश्य साफ है—परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण को सुरक्षित बनाना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खत्म करना।
उच्च स्तरीय बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा
हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में परीक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन, सुरक्षित भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक वितरण जैसी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों का कहना है कि इस बार केवल परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि प्रश्न पत्र के निर्माण से लेकर अंतिम वितरण तक हर चरण की निगरानी बढ़ाई जाएगी।

वायुसेना की भूमिका क्या हो सकती है?
सरकार इस संभावना पर विचार कर रही है कि भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्न पत्रों को प्रमुख शहरों तक पहुंचाने के लिए किया जाए। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो प्रश्न पत्रों को तेज और सुरक्षित तरीके से विभिन्न राज्यों के निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।
इसके बाद राज्य प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां उन्हें जिलों और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। माना जा रहा है कि इस कदम से परिवहन के दौरान होने वाले संभावित सुरक्षा जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

पीएम स्तर पर हो रही निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर बेहद गंभीर है और शीर्ष स्तर पर तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। परीक्षा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है ताकि किसी भी तरह की चूक की संभावना न रहे।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ी सतर्कता
NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर सामने आए पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कई स्थानों पर कार्रवाई की और मामले की जांच अभी भी जारी है।
इसी अनुभव को देखते हुए सरकार अब री-टेस्ट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने पर जोर दे रही है ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठ सके।
राज्य प्रशासन और पुलिस की भी होगी अहम भूमिका
नई रणनीति के तहत जिला प्रशासन और राज्य पुलिस को भी पहले से अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
छात्रों के लिए क्या है संदेश?
सरकार और परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि छात्र किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। सभी प्रयास इस दिशा में किए जा रहे हैं कि री-टेस्ट पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित हो तथा मेहनत करने वाले छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
निष्कर्ष
NEET UG 2026 री-टेस्ट को लेकर सरकार इस बार बेहद सतर्क नजर आ रही है। वायुसेना की संभावित भागीदारी, बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और उच्च स्तरीय निगरानी यह संकेत देती है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार द्वारा लिए जाने वाले अंतिम फैसलों पर देशभर के लाखों छात्रों की नजर बनी रहेगी।
groundwiredaily
Correspondent · GroundWireDaily Media
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